Thursday, 20 February 2014

JANSAMPARK NEWS 20-2-14

जिला जनसंपर्क कार्यालय, बुरहानपुर मध्य प्रदेश
समाचार
‘‘एस्कॉड अंतर्गत लगा निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर‘‘
बुरहानपुर/20 फरवरी 2014/ उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ. एम.के.शर्मा द्वारा बताया गया कि 19 फरवरी को एस्कॉड योजनांतर्गत ग्राम टिटगांव कला में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें 152 पशुओं का निःशुल्क उपचार एवं दवा वितरण का कार्य हुआ। गर्म परीक्षण 8 बांझपन उपचार 5, बधियाकरण 2 एवं कृृत्रिम गर्भाधान कार्य 2 पशुओं में हुआ। शिविर में डॉ.प्रणय तिवारी के नेतृृत्व में ए.व्ही.एफ.ओ.श्री कृृष्णा चौधरी, श्री एस.बी.महाजन, पशु परिचारक श्री मोजीलाल कास्डे, अशोक प्रजापति गौसेवक एवं शांताराम, श्री रमेश धोंडू परिचारक व सरपंच श्री मगनराव पाटिल उपस्थित थे।
टीपः- फोटोग्राफ संलग्न

पशु शिविर टिटगांवकलां

 क्र.135/ फरवरी/2014
अनुदान पर उन्नत गौवंश नंदियों का वितरण
बुरहानपुर/20 फरवरी 2014/ गत दिवस 17 हितग्राहियों को गौवंश नस्ल सुधार हेतु अनुदान पर उन्नत नस्ल (साहीवाल, मालवी संकर नस्ल) के 17 नंदियों बैल जोड़ी का वितरण पहली चरण के रूप में पशुधन निगम भोपाल के द्वारा हुआ।
    उपसंचालक पशुचिकित्सा सेवाए डॉ.एम.के.शर्मा ने डॉ. हेमंत शाह, डॉ.प्रणय तिवारी, ए.व्ही.एफ.ओ. श्री डी.के.सोलंकी, श्री के.डी.चौधरी, श्रीराम, श्री एल.एम.गोलकर, श्री राजेश कास्डेकर की उपस्थिति में कुछ हितग्राहियों को अपने समक्ष उक्त नंदियों का वितरण मौके पर हितग्राहियों को उनकी पसंद अनुसार दिया। डॉ.शर्मा ने बताया कि वर्ष 2013-14 के स्वीकृत  कुल 50 नंदियों में से 17 नंदी बैल सांड पशु निगम द्वारा आज प्रदाय किये गये, जिनके द्वारा दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में देशी गाय की नस्ल सुधार का कार्य होगा एवं गायों की नस्ल सुधार से ग्रामों में दुग्ध उत्पादन में भारी वृृद्धि होगी।
टीपः-फोटोग्राफ संलग्न
नंदी सांड वितरण
क्र.136/ फरवरी/2014


तीन दिवसीय कृषि मेला शुरू
विभिन्न कंपनियों ने लगायें 80 से भी अधिक स्टॉल
बुरहानपुर/20 फरवरी 2014/ आज रेणुका माता रोड़ स्थित कृृषि उपज मंडी परिसर में तीन दिवसीय कृृषि विज्ञान मेले का शुभारंभ कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री अवस्थी ने कहा कि यह जिला कृषि प्रधान जिला हैं। इस जिले के कृृषक बहुत ही जागरूक हैं और मुख्य रूप से नगदी फसल की खेती करते हैं और उन्न्त तकनीक भी अपना रहें है। जिले में लगभग 16 हजार हैक्टेयर केले की और 26 हजार हैक्टयेर भूमि में कपास की खेती हो रही हैं। 1 हेक्टेयर केले की फसल के लिये 78 लाख लीटर पानी की जरूरत होती हैं, जिसके कारण जिले का वाटर लेवल धीरे-धीरे निचे गिरता जा रहा हैं। जिले में वॉटर लेवल उठाने के लिये तालाब बनाने की जरूरत हैं। जिले में जिन-जिन क्षेत्रों में तालाब बनें हैं, वहाँ पर भूजल स्तर अच्छा हैं। हमें बरसात का पानी रोकना होगा। बरसात का 94 प्रतिशत पानी बहकर समुद्र में चला जाता हैं। हमें पहाड़ी क्षेत्रों में गेवियन स्ट्रक्चर के जरिये पत्थरों को जाली में बांधकर जगह-जगह पहाड़ी पर गढ्ढे करके जल संरक्षण किया जा सकता है। इस जिले में मिश्रित खेती यानि कृृषि के साथ पशुपालन, मुर्गीपालन, मधुमख्खी पालन भी किया जाना चाहिए। इन सभी की प्रचार-प्रसार की ज्यादा जरूरत हैं। इसी प्रकार हमें रासायनिक खाद्व के स्थान वर्मीकम्पोस्ट और खाद बायो गैस खाद का अधिकाधिक इस्तेमाल करना चाहिए। जिले में ड्रिप सिंचाई सिस्टम बहुत अधिक मात्रा में हैं। 40 प्रतिशत सिंचाई ड्रिप से हो रही हैं। मगर जिले में स्पिं्रकुलर सिंचाई सिस्टम से होना जरूरी हैं।
    इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि बढ़ती आबादी के भरण-पोषण के लिये कृृषि उत्पादन बढ़ाना जरूरी हैं। इसके लिये किसानों को सिंचाई का रकबा बढ़ाना होगा और जैविक खेती को बढ़ावा देना होगा। खेतांे तक आवागमन के साधन बढ़ाने होगें और बिजली की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करना होगी। सौभाग्य से मध्य प्रदेश में किसानों को 24 घंटे बिजली दी जा रही हैं और सिंचाई के लिये 10 घंटे बिजली दी जा रही हैं। इसे राज्य शासन ने ‘‘विद्युत क्रांति‘‘ नाम दिया हैं। इसी प्रकार राज्य शासन के विशेष प्रयासों से पिछले 4 वर्षो में सिंचाई का रकबा 4 गुना बढ़कर 25 लाख हेक्टेयर हो गया हैं। कृषि विकास दर मायनस 4 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई हैं, जिसके कारण राज्य शासन को पिछले 2 वर्ष से केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय कृषि कर्मण अवार्ड मिल रहा हैं।
    श्री चौहान ने इस अवसर पर यह भी कहा कि जिले में कृृषि की आधुनीकीकरण करने की आवश्यकता है। केले और गन्ने की खेती के अलावा फल-फूल और सब्जी की भी खेती की जरूरत हैं। जिले में राज्य शासन द्वारा 1 करोड़ रूपये से लेकर 25 करोड़ रूपये तक के 25 से भी अधिक बांध बनायें हैं, जिसके कारण जिले में वॉटर लेवल बड़ा है। ग्राम बंभाड़ा और  फोफनार क्षेत्र इस बात के जीवंत उदाहरण हैं।
     इस अवसर कार्यक््रम को श्री एम.एस.देवके और श्री राजेश चर्तुवेदी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कृृषि वैज्ञानिक श्री प्रकाश सिंह रघुवंशी, श्री रामदास, श्री सतीश चंदेल, श्री अंतरसिंह पटेल, सीईओ जिला पंचायत श्री सुरेश्वरसिंह, श्री मुकेश शाह, श्री अनिल भोंसले आदि मौजूद थें।
    आज कृषि विज्ञान मेले में उन्नत बीजोउत्पादन पर कृृषि वैज्ञानिक श्री प्रकाश सिंह रघुवंशी, अनार की खेती पर डॉ.बी.बी गौर, लाख की खेती डॉ मोनी थॉमस, मधुमक्खी पर डॉ.बीएन सिंह, जैविक खेती पर श्री पी.एस.बार्चे ने व्याख्यान दिया।
क्र.137/ फरवरी/2014

लाडो अभियान एवं बाल विवाह प्रतिषेध अभियान
बुरहानपुर/20 फरवरी 2014/ महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा आज होटल राधे-कृष्णा में लाडो अभियान एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की संभाग स्तरीय कार्यषाला का आयोजन किया गया। कार्यषाला में सयुक्त संचालक एकीकृत बाल विकास सेवा श्री राजेष मेहरा, संभागीय उपसंचालक, महिला सषक्तिकरण मंजुला तिवारी इंदौर संभाग इंदौर, डी.एस.पी. खंण्डवा सुनिता रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अब्दुल गफ्फार, जिला महिला सषक्तिकरण अधिकारी, नीलिमा चौहान, स्वास्थ्य, पंचयात, पुलिस, समाजिक न्याय, जन अभियान परिषद, षिक्षा विभाग एवं स्वयंसेवी संस्थाआंे तथा इंदौर संभाग के सभी जिलो सेे विभाग के तथा महिला बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी आदि की उपस्थिति में लाडो अभियान के तहत रणनीति एवं योजना के क्रियान्वयन पर कार्यषाला में जिलों का सह प्रस्तुती करण हुआ।
    साथ ही ग्रामीण अंचलों में बाल विवाह जैसी कुरितियों का निर्मलन करने हेतु वक्ताआंे ने अपने सुक्षाव प्रस्तुत किये व संभाग के सभी जिलों में बाल विवाह जैसे संज्ञेय अपराध न हो इसलिए सामुदायिक अभियान को ग्रामीणों के बीच लाडो अभियान को प्रस्तुत किया गया ।
इस एक दिवसीय कार्यषाला में पीसीपीएएनटी एक्ट, पीएसीएसओ ऐक्ट, उषा किरण आदि पर अन्य वक्ताओं द्वारा प्रस्तुतीकरण किया गया।
    संयुक्त संचालक एकीकृत बाल विकास सेवा इंदौर संभाग इंदौर श्री राजेष मेहरा द्वारा महिला सषक्तिकरण, मंजुला तिवारी द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा श्री अब्दुल गफ्फार खान द्वारा लाडो अभियान एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, श्रीमती मेधा भिडे़ द्वारा पीएसीएसओ ऐक्ट, श्री संतोष देवताले द्वारा उषा किरण योजना का प्रस्तुतीकरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन परियोजना अधिकारी श्रीमती शंुभागी मजूमदार द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विधि सह परवीक्षा अधिकारी  श्री अंखण्ड प्रताप सिंह, संरक्षण अधिकारी श्री आषु पटेल, विष्णुकांत दुबे, पर्यवेक्षक मंगला दुबे, मंजु ठाकुर, रीता शाह, रमा मेहता और रीतू चौकसे उपस्थित थीं।
क्र.138/ फरवरी/2014

परीक्षा नियंत्रक अधिकारी नियुक्त
जिले में नकल पर लगेगी प्रभावी रोक
1 मार्च से बोर्ड की परीक्षाएं शुरू
बुरहानपुर/20 फरवरी 2014/ कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी ने हॉई स्कूल और हॉयर सेकेण्डरी परीक्षा के मद््देनजर जिले के विभिन्न राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी लगायी हैं, जिससे परीक्षा का सुचारू रूप से संचालन किया जा सकें, सामूहिक नकल को रोका जा सकें, परीक्षा में विघ्न डालने को रोका जा सकें, असामाजिक तत्वांे के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जा सकें तथा नकल की दुष्प्रवृृत्ति को रोका जा सकें। ज्ञातव्य हैं कि हॉई स्कूल परीक्षा 1 मार्च से और हॉयर सेकेण्डरी परीक्षा 3 मार्च से शुरू हो रही हैं।
    श्री अवस्थी ने एसडीएम श्री के.आर.बडोले, भू अधीक्षक श्री शंकरसिंह कछवाय, थाना प्रभारी लालबाग श्री के.के.मिश्रा, की ड््यूटी बुरहानपुर नगर में लगायी गई है। इसी प्रकार एसडीएम नेपानगर श्री सूरजलाल नागर, थाना प्रभारी नेपानगर श्री समशेर पटेल की ड््यूटी नेपानगर, नावरा, अंबाड़ा और भातखेड़ा क्षेत्र के हॉई स्कूल और हायर सेकेण्डरी केन्द्रों पर लगाई गयी है। इसी प्रकार नायब तहसीलदार हितेन्द्र भावसार, थाना प्रभारी कोतवाली श्री हनुमंतसिंह राजपूत की ड््यूटी बुरहानपुर नगर के हाई स्कूल और हॉयर सेकेण्डरी स्कूलों में लगाई गई हैं। इसी प्रकार तहसीलदार श्री अजीत श्रीवास्तव और थाना प्रभारी शाहपुर श्री विनोदसिंह कुशवाह की ड््यूटी शाहपुर, इच्छापुर, फोफनार, बंभाड़ा, दर्यापुर, बोरदली, भावसा, दापोरा क्षेत्र की हाई स्कूल और हॉयर सेकेण्डरी स्कूलों में लगाई गयी है। इसी प्रकार तहसीलदार खकनार श्री के.सी.गौतम और थाना प्रभारी खकनार श्री महेश सुनैया की ड््यूटी सिरपुर, खकनार, देड़तलाई, डोईफोड़िया, तुकईथड़, परेठा क्षेत्र में लगाई गई हैं। इसी प्रकार तहसीलदार नेपानगर श्रीमती हेमलता सोलंकी और थाना प्रभारी निम्बोला श्री अमितसिंह जादौन की ड््यूटी धुलकोट, बोरीबुुजुर्ग क्षेत्र में लगाई गई हैं। इसी प्रकार नायब तहसील श्री दिवाकर सुलिया और थाना उपनिरीक्षण लालबाग श्री बाबूलाल चौधरी की ड््यूटी लोनी और निम्बोला में लगाई गई हैं।
क्र.139/ फरवरी/2014

जनसंपर्क विभाग ने लगाई आकर्षक फोटो प्रदर्शनी
22 फरवरी तक चलेगी प्रदर्शनी
बुरहानपुर/20 फरवरी 2014/- आज स्थानीय तीन दिवसीय कृृषि विज्ञान मेले में जनसंपर्क विभाग द्वारा रेणुका माता रोड़ पर स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आकर्षक फोटो प्रदर्शनी लगाई गयी जिसे सैकड़ांे लोगों ने देखा और सराहा।
        इस प्रदर्शनी में कृषि कर्मण अवार्ड, लोक सेवा गांरटी पुरस्कार, इंदिरा आवास, मुख्यमंत्री आवास, जल संरक्षण, स्कूल डेªस, लाड़ली लक्ष्मी योजना, छात्रावास योजना, मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना, अन्नपूर्णा योजना और अटल ज्योति अभियान से संबंधित फोटो फ्लैक्स लगाये गये, जिसे जनता ने बड़ी संख्या में देखा और सराहा।
    इस कृृषि मेले में पशुपालन, कृृषि, उद्यानिकी, नवलसिंह सहकारी मिल, कृृषि विज्ञान केन्द्र बुरहानपुर आदि विभागों द्वारा भी प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी का हजारों किसानों द्वारा अवलोकन किया गया। प्रदर्शनी का अवलोकन संचालक आत्मा परियोजना श्री राजेश चतुर्वेदी, उपसंचालक कृृषि श्री एम.एस.देवके ने किया। इस अवसर पर कीटनाशक, उन्न्त बीज, बिजली की मोटर, जैविक खाद, कृृषि उपकरण, निकाई, गुड़ाई, बुआई, जुड़ाई के यंत्र, छोटे बडे़ टैक्ट्रर आदि के 80 से अधिक स्टॉल लगाये गये हैं। इन स्टॉलों को और प्रदर्शनियों को प्रतिदिन 1 हजार से अधिक किसान देखेंगे। यह प्रदर्शनी 22 फरवरी तक चलेंगी।
टीपः- फोटोग्राफ संलग्न
क्र.140/ फरवरी/2014



राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल जागरूकता सप्ताह कार्यक्रम का आगाज
कलेक्टर श्री अवस्थी ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता प्रचार रथ को किया रवाना
बुरहानपुर/20 फरवरी 2014/- राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम अंतर्गत ‘‘राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल जागरूकता सप्ताह’’ का शुभारंभ लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के खण्ड कार्यालय से कलेक्टर श्री आषुतोष अवस्थी एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुरेष्वरसिंह द्वारा राष्ट्रीय कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर 2 विकासखण्डों के प्रचार एवं जागरूकता रथों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल जागरूकता सप्ताह कार्यक्रम 20 फरवरी 2014 से 25 फरवरी 2014 तक संपूर्ण जिले में मनाया जा रहा हैं, जिसके अंतर्गत जिला स्तर, विकासखण्ड स्तर व ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न गतिविधियॉ स्वच्छ पेयजल, गुणवत्ता व जल संरक्षण संबंधित करवाकर ग्रामीणों को जागरूकता की दिषा में प्रेरित किया जा रहा है।
    कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर श्री अवस्थी ने राष्ट्रीय कार्यक्रम को उचित ढंग से व गंभीरतापूर्वक पूर्ण कराये जानेे संबंधित दिषा-निर्देष अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिये। लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री लालजी तिवारी के माध्यम से विभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल जागरूकता सप्ताह के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही कार्यक्रम को सफल बनाने का आह््वान किया गया।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार (सूचना षिक्षा तथा संचार) श्री राजेष कुमार ठाकुर द्वारा राष्ट्रीय कार्यक्रम की रूपरेखा को क्रमवार व विस्तारपूर्वक बताया साथ ही विभिन्न विभागों के समन्वय व सहयोग से कार्यक्रम सफल बनाने का निवेदन किया। विभाग के जिला सलाहकार (एच.आर.डी.) श्री विजय कुमार गोरे ने राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल जागरूकता सप्ताह जो संपूर्ण जिले में 20 से 25 फरवरी तक आयोजित होना जिसके अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां जैसे ग्राम सभाएँ, वार्डसभाएँ, स्कूल रैली, एफ.टी.केे प्रषिक्षण, संकल्प सभाएं,व्याख्यान कार्यक्रम आदि आयोजित किये जाएगें साथ ही व ग्रामों मेें पेयजल जागरूकता से संबंधित फिल्म की सीडी दिखाने हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायतों को वितरित की गई हैं। इस कार्यक्रम में स्कूलों में स्वच्छ पेयजल संरक्षण व गुणवत्ता की जागरूकता व प्रचार-प्रसार करने के लिए स्कूल रैली, संकल्प पत्र का वाचन, वाद-विवाद, निबंध व चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाना हैं। इसी प्रकार पंचायतों, ग्रामों व वार्डों में जागरूकता हेतु ग्राम सभाएं वार्ड सभाएं जागरूकता रैली आदि आयोजित की जाएँगी। विभाग के माध्यम से संपूर्ण जिले में ग्रामीणों पेयजल जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता रथो के माध्यम से जन-जागरूकता फैलायी जायेगी।
    विभाग के सहायक यंत्री श्री ए. के. निकम के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत ध्यान रखी जाने वाली बातों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए, कार्यक्रम को सफल बनाने की बात कही। ‘‘राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल जागरूकता सप्ताह’’ कार्यक्रम के शुभारंभ कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के उपयंत्री श्री एस.के. चौधरी, श्री हमीद खान, श्री संजय दवे, श्री एम.एल कोरी, श्री जे.एल. बिल्लोरे और ब्लॉक समन्वयक श्री निलेष बोर्डे, श्री जितेन्द्र ठाकरे ,व प्रयोगषाला रसायनज्ञ के प्रभारी श्री दिनेष तिवारी ,श्री खिलेन्द्र राणा और विभाग के सभी हेण्डपंप टेकनीषियन व अन्य कर्मचारी उपस्थित थें। कार्यक्रम संचालन उपयंत्री श्री राकेष कुमार डोंगर के द्वारा किया गया।
टीपः- फोटोग्राफ संलग्न
क्र.141/ फरवरी/2014



Wednesday, 19 February 2014

B - JANSAMPARK NEWS 19-2-14

जिला जनसंपर्क कार्यालय, बुरहानपुर मध्य प्रदेश
समाचार
क्षमता वृद्धि प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ
बुरहानपुर/19 फरवरी 2014/ आओ बनाएं अपना मध्य प्रदेश अभियान के अंतर्गत मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद् विकासखण्ड बुरहानपुर द्वारा वर्ष 2011-12 में गठित प्रस्फुटन स्पंदन समितियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंदजी के चित्र पर द्वीप प्रज्जवलन माल्यार्पण के साथ किया गया।
    प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला समन्वयक महेश खराडे़, सहायक परियोजना अधिकारी जिला शिक्षा केन्द्र आर.पी.शर्मा, श्री आर.के.निकम, सामाजिक कार्यकर्ता श्री मोहन जोशी, नवांकुर प्रतिनिधि भगवानदास महाजन के द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यकम में जिला समन्वयक श्री खराड़े द्वारा मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद् का परिचय, प्रस्फुटन योजना का परिचय विषय पर विस्तारपूर्वक समिति सदस्यों को जानकारी दी गयी।
    इस अवसर पर श्री आर.पी.शर्मा द्वारा शिक्षा के बेहतर सुधार के लिये एवं शाला में गांव के बच्चें अधिक से अधिक पढ़ाई के लिये स्कूल जाये इस विषय पर प्रस्फुटन समितियों को जनजागरण अभियान चलाने के लिये आव्हान किया। श्री निकम ने इच्छाशक्ति मजबूत कर कार्य करने के लिये समितियों से आव्हान किया। प्रशिक्षण कार्यकम में सामाजिक कार्यकर्ता श्री मोहन जोशी द्वारा भारत गौरव की प्राप्ति एवं टीम बिल्डिंग के महत्व पर विस्तारपूर्वक समझाया गया। भगवान दास महाजन द्वारा सामुदायिक सहभागिता गांव के साथ विषय पर प्रकाश डाला गया।
    प्रशिक्षण कार्यक््रम में प्रस्फुटन स्पंदन ग्राम 20 सदस्य उपस्थित थे। ग्राम धामनगांव, भोटा, इच्छापुर, हतनूर, नेर, दापोरा, भावसा, लोनी, फोफनार, नाचनखेड़ा के सदस्यगण उपस्थित थे। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक समन्वयक बुरहानपुर श्री अशोक त्रिपाठी द्वारा किया गया।
टीपः-फोटोग्राफ संलग्न

क्र.133/ फरवरी/2014

मदिरा दुकानों की नीलामी 23 फरवरी को
बुरहानपुर/19 फरवरी 2014/ जिले में वर्ष 2014-15 अर्थात् 1 अप्रैल, 2014 से 31 मार्च, 2015 तक की अवधि के लिये नियत शर्तों एवं प्रक्रिया के अधीन नवीनीकरण से एवं टेण्डर के प्रथम एवं द्वितीय चरण में निष्पादन के अभाव में जिले की शेष देशी/विदेशी मदिरा दुकानों/ एकल समूहों ( 10 समूहों में सम्मिलित 19 देशी मदिरा दुकानें एवं 06 विदेशी मदिरा की दुकानों) का निष्पादन वर्ष 2014-15 हेतु टेण्डर के माध्यम से निर्धारित आरक्षित मूल्य पर पृथक-पृथक/एकल समूहों में कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी की अध्यक्षता में गठित जिला समिति द्वारा 23 फरवरी, 2014 दिन रविवार को अपरान्ह 2 बजे से किया जायेगा। शेष रही मदिरा दुकानों/समूहों का आरक्षित मूल्य, खपत एवं आवश्यक जानकारी कार्यालयीन दिवसों में प्राप्त की जा सकती हैं। टेण्डर प्रपत्रों का विक्रय जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय संयुक्त कलेक्टर परिसर मोहम्मदपुरा में आज से 23 फरवरी 2014 को दिन के 12.30 बजे तक (अवकाश के दिनों सहित) किया जायेगा।
क्र.134/ फरवरी/2014






A JANSAMPARK NEWS 19-2-14

जिला जनसंपर्क कार्यालय, बुरहानपुर मध्य प्रदेश
समाचार
कृषि विज्ञान मेला आज से 22 फरवरी तक
देशभर से आयेंगे कृषि वैज्ञानिक व्याख्यान देने
80 प्रतिशत नगदी फसलों की खेती होती जिले में
40 प्रतिशत सिंचाई ड्रिप सिस्टम जिले में
बुरहानपुर/19 फरवरी 2014 जिला मुख्यालय पर तीन दिवसीय कृषि विज्ञान मेला का आयोजन रेणुका माता रोड़ स्थित कृषि उपज मंडी प्रांगण में 20 से 22 फरवरी 2014 तक किया गया हैं। यह कृषि आधारित जिला है, इस जिले की मुख्य फसलें, कपास, केला, सोयाबीन तथा गन्ना है। जिले में लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र नगदी फसलों के अर्न्तगत आता है, जिसमें मुख्य रूप से कपास 43462 हेक्टेयर, केला फसल 16000 हेक्टेयर, सोयाबीन 17300 हेक्टेयर तथा गन्ना लगभग 5350 हेक्टेयर मंे खेती होती हैं। जिले में लगभग 56 प्रतिशत (58127 हेक्टेयर ) क्षेत्र सिंचित है तथा सिंचित क्षेत्र का लगभग 40 प्रतिशत ड्रिप सिंचाई से सिंचित है। जिले मे बीज प्रतिस्थापन दर 62 प्रतिशत तथा उर्वरक उपयोग क्षमता औसतन लगभग 390 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर हैं, जो कि राज्य में सर्वाधिक हैं।
    जिले में कृषि आदान उपयोग क्षमता अधिकतम है, परन्तु इसके साथ-साथ मृदा उर्वरता में कमी, असंतुलित पर्यावरण तथा गिरते भूजल स्तर के बावजूद किसानों के व्दारा अधिक से अधिक उत्पादन लिया जा रहा हैं एवं विभिन्न फसलों की आधुनिक किस्मों मंे बीमारी एवं कीट प्रकोप का आक्रमण होने से यहाँ की मुख्य नगदी फसल केला एवं कपास प्रभावित हो रही है।
जिले में लगभग 63 हजार 703 कृषक हैं, जिसमें से लघु 40 हजार 223 और सींमात 14 हजार 843 हैं, जिनका जीविकोपार्जन मुख्य रूप से खेती पर आधारित हैं। लघु सिंमात कृषकों की खेती से वर्ष भर अधिकतम आय प्राप्त करने हेतु विभिन्न मॉडलों पर चर्चा की जायेगी। जिसमें खेती के साथ-साथ दुग्ध व्यवसाय, बकरी पालन, मुर्गीपालन, रेषमपालन, कृषि, उद्यानिकी एवं वानिकी तथा कृषि आधारित अन्य पद्धतियां जैसे-लाख उत्पादन, मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के उद्ेष्य से किसानों को प्रोत्साहित करने हेतु सफल किसान एवं वैज्ञानिकों के माध्यम से परिचर्चा की जायेगी।
कृषि मंे इन समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए पर्यावरण सन्तुलन के साथ-साथ कीटनाशी रहित खेती, टिकाऊ खेती, भूजल संवंर्धन तथा केला फसल के प्रबंधन के साथ-साथ केला और कपास फसल के विकल्प के रूप में अनार तथा स्ट्राबेरी की खेती आदि विषयों पर किसानों को जागरुक करने एवं चिन्तन करने हेतु यह मेला आयोजित किया जा रहा है। विभिन्न कंपनियों एवं संस्थानों के 80 से ज्यादा स्टालों के माध्यम से विभिन्न आदानों एवं विभिन्न कृषि तकनीकियों का प्रदर्षन किया जा रहा हैं। कृषि विज्ञान मेले में देश के विभिन्न ख्याति प्राप्त विशेषज्ञांे, जैसे डॉ.नजीम शेख जलगांव, डॉ. आर.के. श्रीवास्तव होषंगाबाद, डॉ. आर.एस. नेगी चित्रकूट, डॉ.आर.एस.परदेषी जलगांव, डॉ. एम.डी. व्यास सीहोर, श्री प्रकाषसिंह रघुवंषी वाराणसी, डॉ. मोनी थॉमस, जबलपुर, श्री बी.पी.गोरे पुणे, डॉ. वी.पी. सिंह जबलपुर, श्री आर.के. पाठक लखनऊ, डॉ. आर.के. खरे होषंगाबाद, श्री सावलेराम देवराम पूणे, डॉ. साधुराम शर्मा भोपाल, श्री पी.एस. बर्चे खरगोन, श्री रोषनलाल विष्वकर्मा नरसिंहपुर, डॉ. आइ.एस.तोमर झाबुआ, डॉ. बी.एस. राजपूत पुणे, श्री बालाराम पाटीदार, कृषक, स्ट्राबेरी उत्पादक, वैज्ञानिकों एवं सफल प्रगतिशील कृषकों व्दारा व्याख्यान दिया जायेगा। विभिन्न विषेषज्ञों के व्याख्यान तथा परिचर्चा के माध्यम से उपरोक्त समस्याओं का व्यवहारिक समाधान प्राप्त हो सकेगा। मेले में लगभग 1500 किसान प्रतिदिन भाग लंेगे तथा मेले मंे कृषि के साथ-साथ अन्य विभागांे की योजनाओं की जानकारी भी प्रदाय की जायेगी।
क्र.130/ फरवरी/2014

अजमेर यात्रा के लिये आवेदन की तिथि बढ़ी
बुरहानपुर/19 फरवरी 2014/ प्रभारी उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग श्री विजय पचौरी ने बताया कि राज्य शासन की महत्वकांक्षी मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत जिले में अब अजमेर यात्रा के लिये आगामी 25 फरवरी तक आवेदन लिये जायेगें। आवेदन तहसील एवं कलेक्टर कार्यालय में उपलब्ध हैं। 205 यात्रियों को लेकर ट्रेन 28 मार्च और 30 मार्च 2014 को अजमेर शरीफ रवाना होगी। जिले के तीर्थयात्रियों की यह यात्रा 17 वीं तीर्थयात्रा होगी।
    श्री पचौरी ने बताया कि जिले में अभी तक 20 सितम्बर 2012 से 19  अक्टूबर 2013 तक 2373 यात्री इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। यह तीर्थयात्री अभी तक वैष्णवदेवी, जगनाथ पुरी, अजमेर शरीफ, काशी, द्वारकापुरी, शिर्डी, रामेश्वरम्् और तिरूपति की यात्रा कर चुके हैं।
क्र.131/ फरवरी/2014


खेलकूद विभाग द्वारा अंतर्थाना स्तरीय कबड्डी, क्रिकेट और वॉलीबाल खेल का आयोजन आज से
बुरहानपुर/19 फरवरी 2014/ खेल एवं युवा कल्याण शाखा द्वारा युवा अभियान योजनान्तर्गत प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी ग्रामीण अंतर्थाना खेल प्रतियोगिता तीन चरणों में जिलें में समस्त थाना प्रभारियों के सहयोग से की जा रही हैं, जिसमें कबड्डी, व्हॉलीबॉल, रस्साकशी, मिनि मैराथन (10 कि.मी.) एवं क्रिकेट (टेनिस बॉल) में की जाना हैं, जिसमें विकासखण्ड खकनार क्षेत्र के थानों की प्रतियोगिता नेहरू स्टेडियम, नेपानगर में 20 फरवरी को एवं बुरहानपुर विकासखण्ड के थानों की प्रतियोगिता नेहरू स्टेडियम बुरहानपुर में 21 फरवरी को आयोजित की जायेगी।
    अगले चरण में जिला स्तर पर आयोजन 22 एवं 23 फरवरी को नेहरू स्टेडियम बुरहानपुर में प्रातः 10 बजे से आयोजित की जायेगी। जिला स्तर से चयनित टीमें राज्य स्तर पर सीधे भाग लेने भोपाल जायेगी। राज्य स्तर पर जो भी टीमें विजेता रहेगी, उसे 2 लाख रूपये का नगद पुरस्कार एवं उपविजेता टीम को 1 लाख रूपये एवं तृतीय स्थान की टीम को 50 हजार रूपये नगद पुरस्कार दिया जायेगा।
    विकासखण्ड स्तर एवं जिला स्तर पर भाग लेने वाले खिलाड़ियों को विभाग की ओर से भोजन व्यवस्था रहेगी। साथ ही सभी खिलाड़ियों को विभाग की ओर से पुरस्कृत कर प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगें। प्रतियोगिता में उन्हीं खिलाड़ियों को भाग लेने की पात्रता रहेगी, जो संबंधित थाना क्षेत्र का राशनकार्ड, मतदाता परिचय पत्र, ग्रामीण निवासी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे एवं सूची संबंधित ग्राम सरपंच एवं थाना प्रभारियों के हस्ताक्षर द्वारा प्रमाणित कर प्रस्तुत करेंगे।
    जिले के संबंधित खेल के खिलाड़ियों से खेलकूद अधिकारी द्वारा अपील की गयी है कि अधिक से अधिक संख्या में आयोजन में भाग लेकर योजना का लाभ लंे। अधिक जानकारी के लिये खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मीरा हॉस्टल रूम नं. 34 बुरहानपुर में कार्यालयीन समय में संपर्क किया जा सकता हैं।
क्र.132/ फरवरी/2014


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Tuesday, 18 February 2014

B JANSAMPARK NEWS 18-2-14

जिला जनसंपर्क कार्यालय, बुरहानपुर मध्य प्रदेश
समाचार
900 से अधिक विकलांग स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम से लाभान्वित
बुरहानपुर/18 फरवरी 2014/ प्रभारी उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग श्री विजय पचौरी ने बताया कि चालू माली साल में राज्य शासन के निर्देशानुसार अभी तक जिले में 909 से विकलांगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें परिचय पत्र भी दिये गये। पिछले एक माह में नगर निगम बुरहानपुर द्वारा 83, नगर पंचायत शाहपुर द्वारा 32, नगर पालिका नेपानगर द्वारा 46, जनपद पंचायत बुरहानपुर द्वारा 26 और खकनार जनपद पंचायत द्वारा 64 विकलांगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
    पिछले एक वर्ष में 658 विकलांगों को परिचय पत्र जारी किये गये। 510 विकलांगों को निरामय स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। 184 मानसिक विकलांगों को लीगल गार्जियनशीप प्रदान की गयी। 510 बहु विकलांगों को 500 रूपये प्रतिमाह बहुविकलांगता पेंशन मिल रही हैं। यह राशि उनके और उनके अभिभावकों के संयुक्त खातें में सीधे हस्तांतरित की जाती हैं।
समाचार क्र.128/2014  

‘‘राष्ट्रीय युवा नीति 2014‘‘ का शुभारंभ 21 फरवरी से
बुरहानपुर/18 फरवरी 2014/ भारत सरकार युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा ‘‘राष्ट्रीय युवा नीति 2014‘‘ का शुभारंभ 21 फरवरी को दोपहर 3 बजे से दिल्ली में होगा। यह जानकारी खेल मंत्रालय भारत सरकार नेहरू युवा केन्द्र के जिला युवा समन्वयक श्री अजीज डिप्टी ने देते हुए बताया कि 21 फरवरी 2014 को ‘‘राष्ट्रीय युवा नीति 2014 का शुभारंभ दोपहर 3 से किया जायेगा।
    युवा नीति का मुख्य उद््देश्य सभी क्षेत्रों में युवाओं का सशक्तिकरण करना हैं तथा साथ ही ‘‘राजीव गांधी खेल अभियान योजना‘‘ का भी शुभारंभ इसी दिन किया जा रहा हैं। नेहरू युवा केन्द्र के सभी इसी तारतम्य में 623 जिलों में इस उपलक्ष्य में रैली का आयोजन किया जायेगा। रैली में लगभग 200 युवा भाग लेगें, रैली में जिले के समस्त अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया हैं।
समाचार क्र.129/2014
  


JANSAMPARK NEWS 18-2-14

जिला जनसंपर्क कार्यालय, बुरहानपुर मध्य प्रदेश
समाचार
एस्कॉड योजनान्तर्गत जिला स्तरीय निःशुल्क पशु चिकिक्सा शिविर संपन्न
बुरहानपुर/18 फरवरी 2014/ जिले में पशु बाहुल्य ग्राम झीरी में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन हुआ। यह शिविर उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ.एम.के.शर्मा की उपस्थिति में संपन्न हुआ। शिविर प्रभारी डॉ.हेमंत शाह ने पशुओं का इलाज किए एवं विभिन्न बीमारियों के बारे में जानकारी दी। डॉ.शर्मा उपसंचालक ने विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी पशुपालकों को दी और टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान अधिक से अधिक कराने पर जोर दिया।
    शिविर में कुल 222 पशुओं का निःशुल्क इलाज किया गया। शिविर में 335 पशु आये, जिसमें 113 का मौके पर इलाज किया गया। 6 पशुओं का बधियाकरण व 3 का कृत्रिम गर्भाधान किया गया। शेष को दवा वितरण का कार्य किया गया। शिविर में उपस्थित ए.व्ही.एफ.ओ. श्री डी.के.सोलंकी, जतनसिंह रावत, पशु परिचारक गिरधारीलाल इंदौर ने शिविर में पूर्ण सहयोग प्रदान किया।
टीपः- 3 नंबर फोटोग्राफ संलग्न
समाचार क्र.125/2014  

‘‘औचक दौरा पंजियों की जांच‘‘
बुरहानपुर/18 फरवरी 2014/ आज ग्राम झीरी में आयोजित निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर में भाग लेेने के पश्चात उपसंचालक डॉ.एम.के.शर्मा ने पशु इकाई ग्राम असीरगढ़ का निरीक्षण किया। पशु संस्था प्रभारी श्रीमती सुनीता गोलकर एवं पशु परिचारक श्री दीपक उपस्थित मिले। पंजियों की जाँच की गई, जो विधिवत पायी गयी। कृत्रिम गर्भाधान कार्य शुरू करने हेतु डॉ.शर्मा ने प्रभारी को निर्देश दिये कि वे ग्रामों के भ्रमण के दौरान पशुपालकों को योजनाओं एवं कृत्रिम गर्भाधान के महत्व समझायें व संस्था से होने वाले अधिक से अधिक लाभ की जानकारी दे। अगले 15 दिवस में लक्ष्य पूर्ण करने संबंधी निर्देश भी दिये।
समाचार क्र.126/2014  

दूरस्थ आदिवासी वनग्रामो के जम्बूपानी में पशु चिकित्सा शिविरों को आयोजन
बुरहानपुर/18 फरवरी 2014/ विगत दिनों पशु चिकित्सा विभाग द्वारा दूरस्थ आदिवासी वनग्रामों में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविरों का आयोजना किया गया। शिविरों का आयोजन ग्राम सोलाबर्डी, गढ़ताल और जम्बूपानी में किया गया जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय पशुपालकों ने उपस्थित होकर शिविरों का लाभ उठाया।
    शिविरों में कुल 635 पशुओं का उपचार, 1379 पशुओं को औषधी वितरण, बधियाकरण, बोझपन निवारण आदि का कार्य किया गया। शिविरों में पशुपालन विभाग के अधिकारी, डॉ.प्रणय तिवारी, श्री राजेश कास्डेकर, श्री प्रेमलाल गोदावरे, श्री विष्णु भामरे एवं परिचारक श्री दिलीप दागोरे, श्री मधुकर, श्री अशोक बाबूलाल आदि ने उपस्थित होकर कार्य संपादित किये। 
टीपः- 1 और 2 फोटोग्राफ संलग्न
समाचार क्र.127/2014  

Friday, 14 February 2014

JANSAMPARK NEWS 14-2-14

जिला जनसंपर्क कार्यालय, बुरहानपुर मध्य प्रदेश
समाचार
पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा की भावभीनी विदाई
श्री शर्मा वज्रादपि कठोराणि मृदूनि कुसुमादपि-श्री खरे
बुरहानपुर/14 फरवरी/ गत् दिवस पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश शर्मा को जिला मुख्यालय पर पुलिस लाइन में जिला प्रशासन द्वारा समारोह आयोजित कर भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री वैभव मण्लोई व नवागत पुलिस अधीक्षक श्री अनिलसिंह कुशवाह समेत सभी विभाग प्रमुख मौजूद थे।
    इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद मोहन खरे ने कहा कि पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश शर्मा वज्र की तरह कठोर और फूल से भी अधिक कोमल हैं। (वज्रादपि कठोराणि मृदूनि कुसुमादपि) इस जिले से बिदा हो रहे पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा ने गत चुनाव बहुत ही सफलता पूर्वक कराया और उन्होनें जिले में 3 वर्ष तक कानून और व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये रखा। जिला न्यायालय द्वारा लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें श्री शर्मा के निर्देश पर पुलिसकर्मियो द्वारा 99 प्रतिशत नोटिस तामिल कराये गये। जिसके कारण हमारी लोक अदालत हमेशा सफल रही। श्री शर्मा का न्यायालय, जिला प्रशासन और जनता के बीच अद्भुत तालमेल रहा हैं।
    इस अवसर पर बिदा हो रहे पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा ने कहा कि मेरे कार्यकाल में पुलिसकर्मियो ने टीम भावना से काम किया। हमें सभी विभागों का सहयोग मिला। इस जिले की जनता के सहयोग से ही जिले में शांति और सद्भाव कायम रहा। इस जिले की शांति और सुव्यवस्था के लिये जिले की जनता और पुलिस दोनों ही जिम्मेदार हैं।
    श्री शर्मा ने कहा कि मेरे कार्यकाल में पुलिस लाईन का विकास किया गया। वन विभाग के सहयोग से बडे़ पैमाने पर वृृक्षारोपण किया गया। एक वृक्ष से एक साल में 2.5 करोड़ रूपयें मूल्य की आक्सीजन प्राप्त होती हैं और पीपल के वृक्ष से तो 5 करोड़ रूपयें की आक्सीजन प्राप्त होती है। मेरे कार्यकाल में जनसहयोग से पुलिस लाईन के पास शंकरजी, दुर्गाजी और हनुमानजी के तीन मंदिर भी बनवायें गये। कलेक्टर श्री आशुतोष अवस्थी के सहयोग से पिछले विधानसभा चुनाव में पहले ही दिन से आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया गया, जिसके दूरगामी परिणाम देखने को मिले।
    इस अवसर पर नवागत पुलिस अधीक्षक श्री अनिलसिंह कुशवाह ने कहा कि श्री शर्मा ने इस विभाग में समर्पित भाव से काम किया तथा अधीनस्थ स्टॉफ से अनुशासित कर अधिकाधिक काम लिया। श्री शर्मा को जिस तरह जिले में अधिकारियों और जनता व स्टॉफ का सहयोग मिला। यदि इसी तरह का मुझें सहयोग मिला तो मैं भी अच्छा काम करके दिखाउंगा। इस जिले में पहले भी मैं काम कर चुका हूँ। यह जिला संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण है।
    इस अवसर पर जिला वनमण्डलाधिकारी श्री ए.के.सिंह ने कहा कि श्री अविनाश शर्मा की रूचि पुलिस प्रशासन के अलावा वृक्षारोपण में भी हैं उन्होनें गत वर्ष 22 जुलाई को कलेक्टर परिसर में भीगते हुए बडे़ पैमाने पर न केवल वृक्षारोपण करवाया बल्कि स्वयं अपने करकमलो से भी सैकड़ो वृक्ष लगाये।
    मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री सुरेश्वरसिंह ने कहा कि पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा का सभी विभागों से बेहतर तालमेल था। संवेदनशील जिला होने के बावजूद भी 3 साल तक शांति और सुव्यवस्था बनायी रखी। उनके अनुभव का लाभ अब शाजापुर जिले को मिलेंगा।
    इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री प्रकाश चन्द्र रेवाल ने कहा कि पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा के साथ चुनाव और त्यौहार के दिनों में कानून और व्यवस्था बनाये रखने के लिये काम करने का मौका मिला। वे असाधारण प्रतिभा के धनी हैं। उनके साथ काम करने में बहुत ही सहजता और अनुकुलता महसूस हुई।
    इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री बी.एस.बिरदे ने कहा कि पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा ने पुलिस विभाग में हमेशा समर्पित भाव से काम किया। जिले की जनता इनसे बहुत संतुष्ट है।
    इस अवसर पर थाना प्रभारी कोतवाली श्री हनुमंत सिंह राजपूत ने कहा कि पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा के आदेशों, निर्देशों और आदर्शो का हमेशा मैंने आत्मसात किया। वरिष्ठ अधिकारी के आदेश को हमेशा मानना पड़ता हैं। श्री शर्मा जनता और पुलिस में तालमेल रखना अच्छी तरह से जानते हैं। उन्होनें हमेशा जनता की भावना का आदर किया।
समाचार क्र.123/2014  


Thursday, 13 February 2014

JANSAMPARK NEWS 13-2-14

जिला जनसंपर्क कार्यालय, बुरहानपुर मध्य प्रदेश
समाचार
वन रक्षा करने वालों की करता है सुरक्षा
वनऔषधि पर आधारित है संपूर्ण आयुर्वेद शास्त्र
बुरहानपुर /13 फरवरी 2014/जनसंख्या, उद्योग एवं कृषि विस्तार के फलस्वरूप आधुनिक युग में वन क्षेत्रों में आयी कमी से प्राकृृतिक संतुलन बिगड़ गया है। औद्योगीकरण से वायु, भूमि एवं जन दूषित होते जा रहे हैं और मानव सभयता का अस्तित्व खतरे में पड़ गया हैं। इस कारण आज हमारा मुख्य कर्तव्य प्राकृृतिक संतुलन को यथासंभव उसी रूप में बनाये रखना हैं, जैसा प्रकृृति ने हमें प्रदान किया। वन आर्द्रता एवं जलवायु चक्र में आकस्मिक परिवर्तमन पर काफी प्रभावशील रोक लगाते हैं। वृृक्ष समूह में प्रारंभ से ही मानव जीवन एवं वातावरण को प्रभावित किया हैं। बडे़ शहरों एवं कस्बों मे मानव जीवन दिनों दिन प्रदूषण युक्त होता जा रहा हैं। इस प्रदूषण से मुक्ति प्राकृृतिक वातावरण से, प्रकृृति की गोद में मिल सकती हैं। फूलों की सुगंध, वृृक्षों की हरियाली, झरनों से कल-कल बहता पानी एवं वन्य प्राणीयों के विचरण की छटा तनाव मुक्ति का साधन हैं।
    हमारा सारा जीवन वृृक्षों पर ही निर्भर हैं। पेड़, पौधें, झाड़ियों, वन एवं वनस्पतियां इनके बिना इंसान का नहीं चल सकता, जन्म से मृृत्यु तक वृृक्ष हमारे साथ हैं खाना पकाना और आग तापने के लिये जलाऊ चाहिए, मवेशियों का चारा चाहिए, हल बख्खर, गाड़ी, झुग्गी-झोपड़ी के लिये भी लकड़ी, बांस काटे आदि चाहिए और चिता जलाने के लिये भी लकड़ी चाहिए, बीमारी के इलाज के लिये औषधि चाहिए। यह सभी हमको वनों से प्राप्त होता हैं। भगवान धनवन्तरि का संपूर्ण आयुर्वेद शास्त्र वनों की जड़ी-बूटियों पर आधारित हैं। हर्रा-बहर्रा, अर्जुन की छाल, आंवला, पिपरी आदि जंगलों में भी पैदा होती हैं। केरल में तो गरम मसाले तक जंगल में ही पैदा होतेे हैं।
    आबादी बढ़ रही हैं। रहन-सहन का स्तर बढ़ रहा है व आवश्यकता बढ़ रही हैं किंतु वन क्षेत्र शनैःशनैः घट रहा हैं। मध्य प्रदेश के अनेक हिस्सों में अब जंगल नजर नहीं आता। यदि वन इसी तरह घटते रहे तो हरा भरा क्षेत्र रेगिस्तान बन जायेगा।
वनांे से लाभ:- श्वास लेने के लिये शुद्ध हवा चाहिए। पेड़ जहरीली हवा को शुद्ध हवा में बदलते हैं। हरियाली सबको अच्छी लगती हैं। बिना पेड़ पौधों के हरियाली संभव नहीं, जमीन को उपजाऊ रखने के लिये व नदी, नालों में साफ, पानी बहत रहने के लिये वनों का होना जरूरी है, वनों के रहने से ही सिंचाई के साधनों जैसे तालाब, स्टापडैम, कुंआ, ट्यूबवेल, एवं बांधों का पूर्ण लाभ मिल सकता हैं, भूमि, जल और वायु की रक्षा के लिये वन आवश्यक हैं। जीवनोपयोगी औषधियों एवं औद्योगिक आवश्यकता की मांग वनों से पूरी होती हैं। वन राष्ट्र की अमूल्य संपत्ति तथा राष्ट्र के लिये विकास का साधन भी हैं, प्रकृृति में विभिन्न वन्य प्राणियों का मानव अस्तित्व के लिये बहुत महत्व हैं, उनको भी जीने का हम सभी के समान अधिकार हैं, वनों में पायी जाने वाली लघु वनोपज जैसे, तेंदुपत्ता, साल-बीज, हर्रा, विभिन्न प्रकार की गोंद, दमली, महुआ, चिरोंजी, आंवला आदि ग्रामीणों के लिये आय के स़्त्रोत हैं। लघु वन उपज से अधिकतम आय समाज के अंतिम पंक्ति में खडे़ व्यक्ति को ही प्राप्त होती है, जिनकों आय के अन्य साधन बहुत कम हैं, वनों के विभिन्न कार्य जैसें वृृक्ष एवं बासों की कटाई, वृक्षारोपण एवं विकास कार्य से प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध होता हैं।
आग, अतिक्रमण और कटाई:- वनों की सबसे अधिक क्षति अग्नि से होती है। वृक्ष आग से झुलस जाते हैं, जिससे उनकी लकड़ी खराब हो जाती हैं। वृक्ष प्रजातियों के छोटे पौधें, जो कि भविष्य के वृृक्ष हैं, जलकर नष्ट हो जाते हैं। घास एवं अन्य छोटे पौधें भी पूरी तरह समाप्त हो जाते हैं। उल्लेखनीय है कि आग से होने वाली क्षति किसी के काम नहीं आती है, परंतु यह कटु सत्य है कि राज्य के वनों का एक बहुत बड़ा भाग प्रत्येक वर्ष अग्नि से जलता हैं।
    वनों का दूसरा शत्रु अवैध कटाई हैं। इस व्यवसाय में लिप्त लोग इमारती वृक्षों कटाई कर अवैध आय अर्जित करते हैं। अवैध कटाई से धीरे-धीरे सघन वन बिगडे़ वनों में बदल आते हैं तथा बिगडे़ वन तो लगभग समाप्त हो जाते हैं।
    वनों पर अनियंत्रित चराई का भी बहुुत हानिप्रद असर होता हैं। इस कारण घास भी वनों में बहुत कम उपलब्ध होती है तथा छोटे-मोटे पौधें मवेशियों के द्वारा चर लिये जाने से आगे बडे़ पौधें तैयार होने की संभावनाएं ही समाप्त हो जाती हैं। वनभूमि पर अतिक्रमण से भी वनक्षेत्र में कमी आती रही हैं। यदि अतिक्रमण से भी वनक्षेत्र में कमी आती रही हैं। यदि अतिक्रमण को दृृढ़ता से रोका नहीं गया, तो वनक्षेत्र ही कम हो जायेगा एवं ग्रामीणों की वन संबंधी आवश्यकता की पूर्ति ही नहीं होंगी। प्रदेश के अनेक ग्रामों में इस प्रकार की स्थिति निर्मित हो चुकी है।
    अतः आवश्यक है कि सभी ग्रामीण महिला एवं पुरूष मिलकर ग्राम वन समिति या वन सुरक्षा समिति बनाएं तथा संयुक्त वनप्रबंधन के माध्यम से वनों की अग्नि, अवैध कटाई, अनियंत्रित चराई तथा अतिक्रमण से वन कर्मचारियों के सहयोग से मिल जुलकर रक्षा करें, ताकि सभी को इमारती लकड़ी, जलाऊ लकड़ी एवं अन्य लघु वनोपज पर्याप्त मात्रा में मिल सकें तथा आने वाली पीढी़ का अच्छे पर्यावरण में सुखद भविष्य सुनिश्चित हो। वन विभाग संयुक्त वन प्रबंधन से ही वनों एवं अन्य प्राणियों के विकास एवं ग्रामीणों के खुशहाल भविष्य का सपना साकार करना चाहता हैं। वन उन्हीं की रक्षा करता हैं, जो उनकी रक्षा करते हैं।
(वन रक्षिते रक्षितः)
                              समाचार क्र.120/2014  

औचक दौरा ‘‘कहीं प्रशंसा तो कहीं फटकार और कही नोटिस
बुरहानपुर /13 फरवरी 2014/ उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ.एम.के.शर्मा द्वारा पशु चिकित्सा इकाई सिंधखेड़ा, सिरपुर, खकनार, तुकईथड़, देड़तलाई, शाहपुर, चापोरा और खामनी का औचक निरीक्षण किया गया। जिसमें सिंधखेड़ा के श्रीराम महाजन ए.व्ही.एफ.ओ. खकनार के डॉ.सतीश साक्य, ए.व्ही.एफ.ओ.श्री एल.एन.गोलकर को अच्छे कार्य के लिये प्रशंसा पत्र दिया गया। वहीं सिरपुर के प्रवीण इंगले, ए.व्ही.एफ.ओ., देड़तलाई के ए.व्ही.एफ.ओ. को फटकार लगाते हुए कार्य पूर्ण न पाये जाने पर कारण बताओ नोटिस दिया गया।
मुख्य ग्राम इकाई खामनी ग्राम की अलमारी को किया सील:- ए.व्ही.एफ.ओ. श्री सी.डी.पाटिल द्वारा यह कहकर कि चाबी बुरहानपुर घर पर छूट गयी हैं। उपसंचालक श्री शर्मा ने ग्रामवासियों एवं पाटिल की उपस्थिति तथा स्थिति ज्ञात हो, इस कारण रिकार्ड व अलमारी को सील किया।
दुग्ध सहकारी समिति खकनार का किया निरीक्षण:- डॉ शर्मा उपसंचालक ने दुग्ध सहकारी समिति खकनार का निरीक्षण किया, वहां नित्य की जाने वाली समस्त प्रक्रिया समझी। साथ ही समिति अध्यक्ष श्री किशोर श्यामराव एवं उपाध्यक्ष श्री श्रीराम महाजन द्वारा किराये के भवन में समिति के ज्याद खर्च के कारण जनपद पंचायत खकनार अंतर्गत एक रिक्त भवन में शिफ्ट करने का आग्रह पर सीईओ श्री दंडोतिया से बात कर समस्या का निराकरण करने हेतु अनुरोध किया। साथ ही निमंदड़, बड़गांव माफी आदि समितियों की भी जानकारी ली गई। डॉ.शर्मा ने दुग्ध समितियों का सुदृृढ़ करने को सुदृृढ़ करने की दिशा हेतु सीईओ श्री डंडोतिया से आग्रह किया कि दुधारू पशु प्रकरण फिल्ड पर ही बनाये जायें तो समितियों में दुग्ध संकलन बढ़ेगा। अन्य नयी समितियाँ बनाने एवं सुदृृढीकरण के लिये डॉ.शर्मा द्वारा दुग्ध संघ बुरहानपुर के प्रबंधक श्री जाधव से विशेष चर्चा की।
आंगनवाड़ियों का किया निरीक्षण:- ग्राम गोपालपुरा खामनी आदि में 4 आंगनवाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण भी किया। रिकार्ड््स दुरस्त करने एवं बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के कार्यकर्ताओं को आवश्यक निर्देश भी दिये।
समाचार क्र.121/2014 
 
पशुपालन विभाग बुरहानपुर पहुँचा ‘‘टॉप टेन‘‘ में
बुरहानपुर /13 फरवरी 2014/ राज्य शासन द्वारा हर माह की जाने वाली ग्रेडिंग में विगत माह अक्टूबर में 2013 में पशुपालन विभाग की प्रगति के आधार पर प्रदेश स्तर रैंक 35 वीं थी। विगत दो माहों में की रिपोर्ट के आधार पर यह क्रमशः14 वीं और दिसम्बर अंत तक की प्रगति के आधार पर यह जिला अब ‘‘टॉप टेन‘‘ (दसवें स्थान पर) पर पहुँच गया हैं। यह सभी प्रगति विगत दो तीन माह में सतत्् मैदानी निरीक्षण, नियमित अधिकारी और कर्मचारियों की बैठक की वजह से संभव हो सका हैं। ऐसा जिलें के उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवायें डॉ.एम.के.शर्मा द्वारा बताया गया।
समाचार क्र.122/2014  

JANSAMPARK NEWS 30-08-18

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