Tuesday, 12 May 2015

JANSAMPARK NEWS 8-5-15

जिला जनसंपर्क कार्यालय, बुरहानपुर
समाचार 
स्कूल निर्माण कार्यो में गुणवत्तायुक्त सुधार लाया जाये-श्रीमती सिंथिया 
कलेक्टर ने जनजाति बाहुल्य क्षेत्रान्तर्गत विकास कार्यो की मैदानी समीक्षा में दिये निर्देश 

बुरहानपुर/8 मई/कलेक्टर श्रीमती जे.पी.आईरिन सिंथिया आज शुक्रवार को बुरहानपुर विकासखण्ड क्षेत्रान्तर्गत जनजाति बाहुल्य अनेक ग्रामों में पहुंची। उन्होनें इस भ्रमण में स्कूल भवन निर्माण कार्यो का स्थल निरीक्षण किया।  
कलेक्टर ने इस मैदानी समीक्षा में स्कूल भवन सह टायलेट, हाथ धोने के प्लेटफार्म आदि कार्यो का सूक्ष्मता से देखा। उक्त कार्यो के अवलोकन में गुणवत्ता का अभाव पाया गया। जिला शिक्षा केन्द्र के इंजीनियरों ने तकनीकि का बिल्कुल ध्यान नही रखा। कलेक्टर ने इन कार्यो को परीक्षण करते हुए नाराजगी व्यक्त की है। उन्होनें इन कार्यो में पुनः गुणवत्तायुक्त और निर्धारित मापदण्ड के तहत सुधार करने की सख्त हिदायत दी है। 
इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत श्री बसंत कुर्रे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री आर.एल.उपाध्याय, सीईओ जनपद श्री राकेश शर्मा, जनपद सहायक यंत्री श्री एस.के.जैन, उपयंत्री सौरभ जगताप, उपयंत्री यदुवेन्द्रसिंह चौहान एवं उपयंत्री श्री चैनलाल वोपचे और ब्लॉक समन्वयक श्री मांगीलाल यादव सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। 
कलेक्टर ने दूर-दराज पिपराना, सराय, कोठरवाड़ी, चिख्लया, परतकुंडिया आदि ग्रामों में पहुंचकर यहां स्कूल भवन और टायलेट व हाथ धोने के प्लेटफार्म निर्माण कार्यो को परखा। सभी स्कूलों में भवन सहित अन्य कार्य ठीक से नहीं किये गये थे। दीवालों में क्रेक आ गये थे। कही-कही प्लास्टर गिर रहा था। टायलेट के दरवाजे नहीं लग रहे थे। खिड़की व दरवाजों में पेन्ट और भवनों में पुताई भी अच्छे से नही कराई गई। फर्श और टायलेट एवं हाथ धोने के प्लेटफार्म की टाइल्से उखड़ रही थी। चूकि वे सही तरीके से नही लगी थी। भवन निर्माण कार्य में फिनिसिंग नदारद थी। नापतौल से कार्य को अंजाम नही दिया गया। विविध प्रकार की विसंगतियां इन कार्यो में दृष्टिगोचर हुई। 
श्रीमती सिंथिया ने सब इंजीनियर सर्व शिक्षा अभियान गुलरेज मलिक से कहा कि उक्त सभी कार्य पुनः गुणवत्ता से किये जाये। अन्यथा सब इंजीनियर की सैलरी से राशि काटकर उक्त कार्यो में सुधार किया जायेगा। संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव, जनशिक्षक आदि को भी ताकीद दी गई है। कोई भी निर्माण कार्य सही तरीके से कराये। कार्य सही नही पाये जाने पर सचिव, जनशिक्षक, सब इंजीनियर की सेलरी से राशि वसूली जायेगी। 
कलेक्टर ने जिला शिक्षा केन्द्र सहायक यंत्री श्री कोमल पूनीवाला को तलब किया। किन्तु सहायक यंत्री अनुपस्थित रहे। उन्होनें कहा कि सारे निर्माण कार्य सही तरीके से करें। जैसे अपने घर में कार्य कराते है। इसी भाव से ही सार्वजनिक विकास कार्यो को कराये जाये। ताकि लाखों रूपये लागत के भवन निर्माण कार्य हुये है। जिनका आमजन लम्बे अरसे तक उपयोग कर सके। स्कूलों में बनाये गये रैम्प को भी विधिवत रूप से बनाये। हाथ धोने के प्लेटफार्म एवं टायलेटो में नल को बच्चों के मान से लगाये जाये। ताकि प्राथमिक/माध्य. शाला के बच्चें सुविधाओं का उपयोग आसानी से कर सके। स्कूलों में विशेष रूप से पेयजल व टायलेट में पानी की व्यवस्था का प्रबंध अनिवार्य रूप से किया जाये। इस हेतु ग्राम पंचायत सचिव, जनशिक्षक, शिक्षा केन्द्र के उपयंत्री अनिवार्य रूप से व्यवस्था कराये। 
जनपद सीईओ, सहायक यंत्री, उपयंत्री सभी से कहा गया है कि निर्माण कार्यो पर नजर रखे। जहां भी गुणवत्ता विहीन कार्य हो रहे है। उस कार्यकारी एजेन्सी के भुगतान रोक दिया जाये। जब तक की कार्य वह सही ढंग से नही कर देवे। कलेक्टर ने ग्रामवासियों से राशन वितरण नियमित रूप से होने की जानकारी प्राप्त की। टीकाकरण व आंगनवाड़ी केन्द्र का भी जायजा लिया गया। कलेक्टर से परतकुंडिया की असहाय निःशक्त महिला मोबाई ने पेंशन सहायता की मांग की। उन्होनें तत्काल सीईओ जनपद को पात्रता के आधार पर प्रकरण स्वीकृत कर योजना से लाभान्वित कराने के निर्देश दिये। 
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क्रमांक/26/435/2015                                          पवार/सचिन/पं.ग्रा.वि./फोटो

समाचार 
मुख्यमंत्री किसान विदेष अध्ययन यात्रा योजना जिले के किसान अब जायेगें विदेश

बुरहानपुर/8 मई/राज्य शासन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग व्दारा जिले में किसान विदेश अध्ययन यात्रा योजनान्तर्गत वर्ष 2015-16 में किसानों के आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये है। आवेदन पत्र 10 मई 2015 तक प्राप्त किये जायेगें। इस हेतु 06 समूह के देशो में जिले से 05 कृषकों का चयन कर भेजा जाना है। जो कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, डेयरी, से संबंधित हो। ऐसे कृषकों से आवेदन प्राप्त किये जा रहे है। उन्हें नवीन कृषि तकनीकि, विपणन एवं मूल्य संवर्धन आदि का अध्ययन कर अपनी खेती को लाभकारी बनाने के लिए भेजा जावेगा। 

उपसंचालक कृषि श्री मनोहर सिंह देवके ने उक्त जानकारी दी। उन्होनें बताया कि एक वित्तीय वर्ष में कृषकों से दो-तीन दल विदेष यात्रा पर भेजे जायेगें। प्रत्येक दल में 20 कृषक एक अधिकारी एवं विषय से संबंधित एक वैज्ञानिक को शामिल किया जायेगा। किसान, विदेष अध्ययन यात्रा के लिए जाने वाले व्यय का लघु एवं सिमांत कृषकों को 90 प्रतिषत, सामान्य वर्ग के अन्य कृषकों को 50 प्रतिषत एवं अनूसूचित जाति /जनजाति वर्ग के कृषकों को 75 प्रतिषत अनुदान की पात्रता होेगी। आवेदन कर्ता कृषक के पास वैध पासपोर्ट होना अनिवार्य है। जिला स्तर पर कलेक्टर महोदय की अध्यक्षता में उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन के अधिकारीयों की चयन समिति का गठन किया गया है जो कृषकों का चयन कर वरिष्ठालय को भेजेगें। 
इस समिति व्दारा पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर अधिकतम पांच कृषकों का चयन किया जायेगा। तथा वरियता निर्धारित करते हुये सूची राज्य स्तरीय चयन समिति के सदस्य सचिव संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास को प्रेषित की जायेगी। सूची की वैधता संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास को प्राप्त होने के दिनांक से एक वर्ष तक रहेगी। 
जिले से प्राप्त सूची में से विदेश भ्रमण पर जाने वाले दल का निर्धारण कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय चयन समिति की अनुषंसा पर किया जायेगा। जो कृषक उन्नत कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन डेयरी एवं मत्स्य पालन में उत्कृष्ट कार्य कर रहे है, वे कृषक निर्धारित आवेदन पत्र में आवेदन कर सकते है। आवेदन पत्र कार्यालय उप संचालक,कृषि, उद्यानिकी विभाग, विकास खण्ड स्तर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर सकते है। राज्य स्तर पर प्रथम दल का चयन 15 अगस्त 2015 तक कर लिया जायेगा। अतः इच्छूक किसान भाईयों से अनुरोध है कि 10 मई 2015 तक आवेदन प्रस्तुत करंे। 
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क्रमांक/27/436/2015                                                  पवार/सचिन/कृषि 

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