Thursday, 10 March 2016

JANSAMPARK NEWS 8-3-16

जिला जनसंपर्क कार्यालय, बुरहानपुर म.प्र.
समाचार
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित
कलेक्टर ने आवेदकों से रूबरू होकर सुनी समस्याएं
महिलाओं के गरिमा और सम्मान के लिये दिलाया संकल्प

बुरहानपुर/8 मार्च 2016/ राज्य शासन द्वारा प्रायोजित प्रति मंगलवार अनुसार इस मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम खकनार विकासखण्ड पर संपन्न हुआ। 
          कलेक्टर श्रीमती जे.पी.आईरिन सिंथिया जनसुनवाई में जरूरतमंद महिलाओं से हाल परेशानियां जानने रूबरू हुई। उन्होंने दूर-दराज ग्रामों से पहुंचे लोगों की कई समस्याओं के निराकरण हेतु आश्वस्त किया। इस दौरान जनसुनवाई में लगभग 53 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। उक्त आवेदनों को निराकरण हेतु संबंधित विभाग प्रमुखों को सौंपे गये। इस मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अश्विनी शिवहरे, जिला पंचायत सीईओ श्री बसंत कुर्रे, जनपद अध्यक्ष श्रीमती निर्मला जावरकर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आर.बी.एस.दण्डोतिया, तहसीलदार श्री अनिल सपकाले, कृषि उपसंचालक श्री एम.एस.देवके, पशु चिकित्सा सेवाऐं उपसंचालक डॉ.एम.के.सक्सेना, उद्योग महाप्रबंधक श्री आर.एस.ठाकुर, सीएमएचओ डॉ.एच.एन.नायक, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अब्दुल गफ्फार खान, उद्यानिकी सहायक संचालक श्री.आर.एन.तोमर, सहकारिता से उप पंजीयक श्री जे.एल.बर्डे सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
          जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष खसरे में नाम दुरस्त करने, शौचालय बनाने, सीमांकन, बटवारा, बीपीएल में नाम जुड़वाने, मुआवजा और पेयजल की समस्याओं सहित अन्य आवेदन पत्र प्राप्त हुए। कलेक्टर श्रीमती सिंथिया को अम्बाड़ा निवासी विलास दामू ने राशन कार्ड नवीनीकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होनें उक्त प्रकरण में संबंधित अधिकारी को निराकरण करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने इस अवसर पर हर बड़ी-छोटी समस्याएं सुनकर शीघ्रता से निदान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए।
महिलाओं के गरिमा और सम्मान के लिये दिलाया संकल्प
          कलेक्टर श्रीमती सिंथिया ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस अवसर पर उपस्थित समस्त  आमजन एवं अधिकारियों और कर्मचारियों को महिलाओं की गरिमा और सम्मान के लिये संकल्प दिलाया। जिसे कि अधिकारियों/कर्मचारियों ने दोहराया। साथ ही उन्होनें सभी लोगों से खुले में शौच बंद करने की अपील की। उन्होनें कहा कि महिलाओं सम्मान के लिए हर घर में शौचालय अवश्य बनाकर उसका उपयोग किया जाये। उन्होनें कहा कि खुले में शौच करने से गंदगी के कारण अनेक प्रकार की गंभीर बीमारियों हो सकती है। वहीं बीमारियों के कारण उपचार के लिये परिवार को आर्थिक क्षति पहंुचती है। इसलिये हमें खुले में शौच मुक्त ग्राम बनाने हेतु आगे कदम बढ़ाना होगा। तभी हमारा गांव स्वच्छ, स्वस्थ्य एवं समृद्ध बनेंगा। उन्होनें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ग्राम पंचायतों में लगभग 30 पुरूष एवं 30 महिलाओं की निगरानी समिति और शिक्षा विभाग को स्कूली बच्चों की वानर सेना गठित करने के निर्देश दिये। इस निगरानी समिति में गांव की महिलाऐं, पुरूष, वानर सेना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सब इंजिनियर, एडीओ, पीसीओ की मौजूदगी में प्रतिदिन सुबह और शाम ग्रामीणों को खुले में शौच बंद करने समझाईश देगे। साथ ही उन्हें शौचालय निर्माण कर उसका उपयोग करने के लिये प्रेरित भी करेंगे।






टीपः- फोटोग्राफ संलग्न

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