Wednesday, 9 December 2015

JANSAMPARK NEWS 30-11-15

जिला जनसंपर्क कार्यालय, बुरहानपुर म.प्र.
समाचार 
फसल बोने के पहले मिट्टी परीक्षण अवश्य कराये
भूमि की उर्वरकता शक्ति को नियंत्रित रखने हेतु फसल चक्रण आवश्यक-श्री चतुर्वेदी
मृदा परीक्षण हेतु बी.एस.डब्ल्यू के विद्यार्थी ग्रामों में जाकर किसानों को करेगें जागरूक
बुरहानपुर (30 नवम्बर) - भूमि की उर्वरा शक्ति को नियंत्रित रखने के लिये रासायानिक खाद, यंत्रों का प्रयोग और एक ही फसल को बार-बार नही बोना चाहिए। ऐसा करने से भूमि की उर्वरा शक्ति कम होती है। यह बात आत्मा उपसंचालक श्री राजेश चतुर्वेदी ने स्थानीय सुभाष उ.मा.विद्यालय में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद विकासखण्ड बुरहानपुर द्वारा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत पाठ्यक्रम में कही। 
उन्होनें विद्यार्थियों को मिट्टी के स्वास्थ्य बताते हुए पोषक तत्वों की भरपाई कैसें की जायें। किस समय किन पोषक तत्वों का उपयोग किया जाये। जमीन की उर्वरकता बनाये रखने हेतु हम मिट्टी को दोहन करें ना कि शोषण वर्तमान समय हमने प्रतिस्पर्धा में रहकर मिट्टी में अंधाधून रसायन का उपयोग कर मिट्टी की उर्वरकता शक्ति को नष्ट कर रहे है। उन्होनें इसके लिये जैविक खाद का उपयोग, मिट्टी संरक्षण, प्रबंधन, पोषक तत्वों आदि को बखुबी समझाया। साथ ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड की जानकारी भी दी। इस मौके पर जन अभियान परिषद जिला समन्वयक डॉ.सुप्रिती यादव व महेश कुमार खराडे़ भी मौजूद रहे। 
मृदा परीक्षण हेतु बी.एस.डब्ल्यू के विद्यार्थी करेगें जागरूक
पाठ्यक्रम के तहत विद्यार्थी अपने-अपने ग्रामों में जाकर कृषकों को मिट्टी का स्वास्थ्य, महत्व, संरक्षण और मिट्टी का परीक्षण क्यो जरूरी आदि के संबंध में किसानों को जागरूक करेगें। ताकि किसान फसल बोने से पहले मिट्टी परीक्षण अवश्य कराये। पाठ्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं की जानकारी व आगे आओं लाभ उठाओं व प्रचार-प्रसार की सामग्री उपलब्ध कराई गई। 


नोटः- फोटोग्राफ संलग्न क्र.-1
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क्रमांक-87/1004/2015                                              सचिन/ज.अ.प./फोटो  
समाचार 
सरसों की बोनी के लिये इस समय उपयुक्त है तापमान
बुरहानपुर (30 नवम्बर) - सरसों की बोनी के लिये यह समय उपयुक्त तापमान वाला है। इस तापमान में उन्नत प्रजातियाँ जैसे आर.जी.एन.73 ए पूसा जय किसान पूसा बोल्ड क्रांति रोहिणी प्रजातियों का चयन कर पर्याप्त नमी होने पर किसान बोनी करें। बीजोपचार वीटावेक्स पॉवर या बैनलेट दवा को ढाई सौ से तीन सौ ग्राम प्रतिकिलो बीज की दर से उपचारित करें। उपसंचालक कृषि श्री एम.एस.देवके ने किसानों से कहा है कि बीजोपचार हेतु कार्बेन्डाजिम दवा 3 ग्राम प्रतिकिलो बीज की दर से उपचारित करें। चना की बोनी हेतु उन्नत उकठा निरोधी जातियाँ जैसे.जे.जी. 16 ए जे. जी. 11 ए जे.जी. 218 व जे. जी. 130 का चयन करें व बोनी पूर्व बीजोपचार अवश्य करें। बीजोपचार हेतु फफूंदीनाशक कार्बेन्डाजिम 1.5 ग्राम़थायरम 1.5 ग्राम दवा प्रतिकिलो ग्राम बीज की दर से उपचारित करने के बाद जैव उर्वरक राइजोबियम एवं पीएसवी कल्चर से निवेशित करके बोयें। गेहूँ की बोनी के लिये गेहूँ की उन्नत किस्में जैसे.जी.डब्ल्यू. 322 ए 366 एवं 273 व एच.डी. 2338 आदि का चयन करके बीज आवश्यकतानुसार एकत्रित करें व बीजोपचार कर संतुलित मात्रा में उर्वरक देकर बोनी का कार्य प्रारंभ करें। 
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क्रमांक-88/1005/2015                                                              सचिन/कृषि  
समाचार
आयकरदाता कृषकों के अलावा अन्य सभी कृषकों को मिलेगी राहत 
बुरहानपुर (30 नवम्बर) - मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के निर्देश पर समस्त जिला कलेक्टर्स को राज्य शासन द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार किसानों को फसल हानि पर सहायता देने की प्रक्रिया को सरल किया गया है। राज्य शासन द्वारा गत दिवस जारी निर्देशों में यह स्पष्ट किया गया है कि ऐसे किसान खातेदार जो आयकरदाता है उन्हें सहायता का पात्र नहीं माना जाएगा। आयकरदाता को छोड़कर अन्य सभी किसान पात्र हैं। 
कलेक्टर श्रीमती जे.पी.आईरीन सिंथिया ने जिले के समस्त एसडीएम व तहसीलदारों को शासन के इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी है। जारी निर्देश अनुसार आयकरदाता किसान के परिवार से आशय किसान, किसान की पत्नी और अवयस्क संतान से है। यदि कृषक वृत्ति कर एवं सर्विस टैक्स का भुगतान करता है परंतु आयकरदाता नहीं है तो भी उसे राहत राशि की पात्रता होगी। प्रदेश के किसानों के हित में ही सहायता के प्रावधान किए गए हैं। राज्य शासन ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी आयकरदाता खातेदार कृषक ने अपनी भूमि सहमति से किसी ऐसे कृषक को शिकमी/बटाई में दी है जो आयकरदाता नहीं है तो वह (शिकमी/बटाई कृषक) भी राहत राशि के लिये पात्र होगा। प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, ओलावृष्टि, कम वर्षा और सूखे की दशा में किसानों को फसल हानि पर राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के मुताबिक राहत की राशि बाँटी जाती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों की कठिनाई को समझते हुए पूरी संवेदना के साथ समय-समय पर राहत राशि की गणना के लिए दरों में पर्याप्त वद्धि करवाई है। 
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि केवल ऐसे खातेदार/कृषकों को छोड़कर जो स्वयं आयकरदाता है अथवा जिनके परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता है, अन्य सभी को राहत राशि की पात्रता है। राहत राशि के लिये आवेदन-पत्र सादे कागज पर धारित भूमि एवं बोये रकबे का विवरण दिया जा सकता है। सूखे और अन्य कारण से फसल हानि उठा रहे किसानों से सिर्फ इस आशय का घोषणा-पत्र लिया जाएगा कि वह या उनके परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता नहीं है। घोषणा-पत्र कलेक्टर द्वारा निःशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा तथापि आवेदक कृषक द्वारा सादे कागज पर अपना नाम, धारित भूमि का विवरण तथा आयकरदाता नहीं होने का उल्लेख किया जाना पर्याप्त होगा। 
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क्रमांक-89/1006/2015                                                                            सचिन/कृषि  

समाचार 
किसान भाई 380 में 25250 रूपयें का बीमा कराये-श्री देवके    
बुरहानपुर (30 नवम्बर) - राज्य में किसानों के हित के लिये शासन द्वारा राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना का संचालन किया जा रहा है। किन्तु बहुत कम अऋणी कृषक ही राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना का लाभ ले रहे है। वर्तमान मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुये कृषकों का जोखिम कम रहें इस संबध में शासन द्वारा अऋणी कृषकों को योजना का लाभ देने हेतु शासन ने निर्णय लिया है कि समस्त बैंक शाखाओं द्वारा अऋणी किसानों से राजस्व अभिलेख एवं बोनी का प्रमाण पत्र प्राप्त कर प्रीमियम जमा करायें। 
उप संचालक कृषि श्री एम.एस.देवके ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि बीमा योजनान्तर्गत अऋणी किसानों के लिये प्रीमियम जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2015 है। उन्होंने जिले के सभी अऋणी कृषकों से अनुरोध किया है कि अधिक से अधिक संख्या में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना से जुड़कर समय पर प्रीमियम जमा कर इसका लाभ लेवें। उन्होनें कहा कि जिले में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजनान्तर्गत रबी वर्ष 2015-16 में सिंचित गेंहूॅ हेतु बुरहानपुर तहसील के पटवारी हल्का लम्बर 01 बिरोदा, 02 लोनी, 28 खामनी, 30 शाहपुर, 37 चापोरा, 38 बोरसल, 39 वारोली, 40 इच्छापुर, 42 बंभाडा, 43 मोहद, 49 संग्रामपुर और नेपानगर तहसील में 07 आसेर, 08 हरदा, 19 महलगुराडा, 26 रतागढ, 43 केरपानी एवं तहसील खकनार में 06 सिरपुर, अधिसूचित है। चना के लिये बुरहानपुर तहसील में पटवारी हल्का नम्बर 30 शाहपुर, अधिसूचित किया गया है। यह योजना अधिसूचित क्षेत्र की अधिसूचित फसलों हेतु ऋणि कृषकों के लिये अनिवार्य एवं अऋणि कृषकों के लिये एच्छिक है। रबी मौसम के अन्तर्गत बीमा करने की अन्तिम तिथि ऋणि कृषकों के लिये 01 अक्टुबर से 31 मार्च 2016 तक एवं अऋणि कृषकों के लिये 31 दिसम्बर 2015 अथवा फसल की बुआई तिथि से एक माह तक जो भी पहलेे हो। ढाई एकड गेंहूॅ फसल का बीमा कराने के लिये 380 रूपये बैंक में जमा कराकर 25250 रू. का फसल बीमा होगा। इसी प्रकार चना फसल का 18920 रू. प्रति हेक्टर बीमा होगा जिसकी प्रिमियम दर 2 प्रतिशत की दर से 378 रू. जमा कराना होगा। अतिरिक्त बीमा आवरण गेंहूॅ के लिये 37870 रू. एवं 7.50 प्रतिशत प्रिमियम दर होगी चना के लिये 28380 रू. है जिसकी प्रिमियम दर 5 प्रतिशत है। किसान गेंहूॅ, चना फसल पर जो ऋण लेता है उस सम्पुर्ण राशि पर भी बीमा करा सकता है। अऋणि कृषक अपनी सेवा क्षेत्र के अधिसुचित पटवार हल्के के किसी भी राष्ट्रीयकृत ग्रामीण या सहकारी बैंक की शाखाओं में प्रिमीयम जमा कर अधिसूचित फसलों का बीमा करवा सकते है। ऋणि कृषक अपनी अधिसुचित फसलों के बीमा हेतु ऋण देय बैंक शाखा से सम्पर्क करें। ऋणि कृषकों के लिये सिंचित गेंहूॅ एवं चना फसल के बीमीत राशि की सीमाएं एवं प्रिमियम की यह है।

समाचार 
लंबित निर्माण कार्यो को शीघ्रता से पूर्ण कराये-श्रीमती सिंथिया 
कलेक्टर ने समय सीमा में संबंधित अधिकारियों को दिये निर्देश 
बुरहानपुर (30 नवम्बर) - आज सोमवार को समय सीमा बैठक में कलेक्टर श्रीमती जे.पी.आईरीन सिंथिया ने सर्व प्रथम लंबित पडे़ पीजीआर और जनसुनवाई के प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होनें सर्व कार्यालय प्रमुखों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक शुक्रवार को अपने-अपने कार्यालय में उक्त प्रकरणों की समीक्षा कर निराकरण की कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। 
लंबित निर्माण कार्य शीघ्रता से पूरा करें
सर्व कार्यालय प्रमुखों की बैठक में कलेक्टर ने सभी निर्माण एजेन्सियों को वर्ष 2013-14 एवं इसके पूर्व के निर्माण कार्यो को शीघ्रता पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होनें संबंधित अधिकारियों को आदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक समय सीमा बैठक में निर्माण कार्यो का समीक्षात्मक जायजा लिया जायेगा। उन्होनें सभी कार्यालय प्रमुखों को विधानसभा प्रश्नों के उत्तर शीघ्रता से भेजनें के निर्देश दिये। उन्होनें समस्त विभाग प्रमुखों को जानकारी देते हुए बताया कि मण्डी उप निर्वाचन हेतु संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदार अपने-अपने न्यायालय में लंबे समय से पडे़ प्रकरणों का निराकरण करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने बैठक में समस्त निकायों को साधिकार अभियान के तहत प्राप्त आवेदन की एन्ट्री पोर्टल पर करानें के निर्देश दिये। उन्होनें आदेश देते हुए कहा कि इन आवेदन पत्रों का पात्रतानुसार निराकरण करना सुनिश्चित करें। ताकि हितग्राहियों को पात्रता के आधार पर शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जा सकें। 
कलेक्टर ने यह निर्देश भी दिये
जिला खाद्य अधिकारी को पोर्टल पर आधार कार्ड प्रविष्टी हेतु शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर फ्लैक्स के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराने। 
सभी विभाग प्रमुखों को नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों को प्रस्तुत कर निराकृत करवाने के। 
और समस्त निकायों को आधार कार्ड पंजीयन कार्य गति लाने के। 

टीपः- फोटोग्राफ संलग्न क्र-2
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क्रमांक-91/1008/2015                                                               सचिन/प्रशासन/फोटो  

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