Saturday, 29 August 2015

JANSAMPARK NEWS 29-8-15

जिला जनसम्पर्क कार्यालय, बुरहानपुर म.प्र.
समाचार
कलेक्टर ने ग्राम गुलई, डोईफोड़िया और खकनार का भ्रमण किया  
साथ ही प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पहुंचकर गहनता से किया अवलोकन 
कार्य में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों पर की कार्यवाही 
बुरहानपुर/29 अगस्त/ कलेक्टर श्रीमती जे.पी.आईरिन सिंथिया ने ग्राम गुलई, डोईफोड़िया और विकासखण्ड खकनार पहुंचकर प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का निरीक्षण किया। साथ ही कार्य में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की। भ्रमण दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.एन.नायक, सीईओ जनपद पंचायत श्री आर.बी.एस.दण्डोतिया, तहसीलदार श्री अनिल सपकाले, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा कार्यपालन यंत्री श्री संजय सोलंकी, एसडीओ श्री महेन्द्रसिंह सोलंकी, डीपीएम रविन्द्रसिंह राजपूत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गुलई में व्यवस्था सुधार हेतु निर्देश:- कलेक्टर ने ग्राम गुलई पहुंचकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होनें केन्द्र में उपलब्ध रजिस्टरों की जांचकर इसें हमेशा अपडेट रखने अधिकारियों को निर्देशित भी किया। वही कलेक्टर ने लेबर रूम, भण्डार कक्ष, औषधी केन्द्र का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होनें वहा स्टॉप से प्रसुता, दवाई वितरण, मरीजों की संख्या संबंधी जानकारी प्राप्त की। रजिस्टर में मातृ-शिशु कार्ड नंबर की एन्ट्री अनिवार्य रूप से की जायें। ताकि प्रसुता सहायता देने में परेशानी का सामना ना करना पडे़। इस दौरान लेबर रूम में उपयोगी सामग्री को व्यवस्थित रूप से रखने निर्देशित किया। कलेक्टर ने स्वास्थ्य केन्द्र में डॉ.स्वप्निल वैद्य को कार्य में लापरवाही बरतने कारण बताओं सूचना पत्र जारी करने निर्देश दिये। सिंधखेड़ा में मुख्यमंत्री ग्रामीण हाटबाजार का अवलोकन किया। उन्होनें उपस्थित ग्रामीणों को अपने-अपने घरों में शौचालय बनाने और उसका उपयोग के लिये प्रेरित भी किया। कलेक्टर ने ग्राम को शौच मुक्त बनानें हेतु ग्रामीणों से अनुरोध किया। इंजिनियर इन्द्रजीत सिंह मोर्य को कहा सचिव से समन्वय कर सड़क किनारे पडे़ गोबर और कचरा भूमि चिन्हित कर उस पर फिकवायें। 
कार्य में लापरवाही बरतने वाले सुपरवाईजर पर निलंबन की कार्यवाही:- कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र डोईफोड़िया में बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले डॉ देवेन्द्र पुनवीवाला का एक माह वेतन रोकने एवं एस.सी.एन.जारी करने सीएमएचओं को निर्देश दिये। साथ ही सुपरवाईजर श्री रामप्रसाद कास्डेकर द्वारा कार्य में घोर लापरवाही बरतने पर निलंबित किया गया। स्वास्थ्य केन्द्र में ड्यूटी बोर्ड, डॉक्टर का नाम, मिलने का समय और दूरभाष नंबर संबंधित बोर्ड लगाना सुनिश्चित करें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जायें। कलेक्टर को उपस्थित पंच ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य कार्यकर्ता आती नही है। कलेक्टर ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का उपस्थिति रजिस्टर बनाने के निर्देश दिये। रजिस्टर में उपस्थिति और स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा कौनसे स्थान का भ्रमण किया जा रहा है। उसका उल्लेख अनिवार्य रूप से होना चाहिए। कलेक्टर ने खकनार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में ओपीडी, भण्डार कक्ष, शिशु केयर, औषधी कक्ष, ओपीडी कक्ष, महिला वार्ड सहित अन्य कक्षों का गहनता से अवलोकन किया। उन्होनें मरीजों के परिजनों से अस्पताल को स्वच्छ रखने की समझाईश दी। पोषण पुनर्वाष केन्द्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने तहसील व जनपद कार्यालय तथा छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होनें परिसर को साफ-सुथरा व उपयोगी सामग्री को व्यवस्थित रूप से रखने के निर्देश दिये। 
टीपः- फोटोग्राफ संलग्न क्रमांक 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 है। 







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क्रमांक/99/751/2015                                                                सचिन/प्रशासन/फोटो   
समाचार
ग्राम सिरपुर, डोईफोड़िया व कारखेड़ा में कृषि विभाग द्वारा निरीक्षण 

बुरहानपुर/29 अगस्त/ जिले के ग्राम सिरपुर, डोईफोडिया, कारखेडा, में डायग्नोस्टिक टीम द्वारा भ्रमण किया गया। इस दौरान उप संचालक, कृषि एम.एस. देवके एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के कार्यक्रम समन्वयक (वैज्ञानिक) डॉ. अजितसिंह उपस्थित रहे। उन्होनें सोयाबीन फसल का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। सोयाबीन की फसल की पत्तियों का पिला पड़ना पाया गया। पिले पडने का मुख्य कारण यलोमौजेक है। जिसका प्रसार सफेद मक्खी (व्हाईट फ्लाई) है। यलोमौजेक विषेषकर सोयाबीन की किस्म जे.एस. 335 में पाया गया है। जिसकी बुवाई 25 से 30 जुन 2015 के बीच हुई है। रोग तीव्र होने की स्थिति में पत्तीयां पिली पड़ जाती है। बाद में पीले हिस्सांे पर गहरे भूरे रंग के धब्बे बन जाते हैं।  धीरे-धीरे पतियां झुलसी हुई प्रतित होती है। इस रोग को फैलाने वाली सफेद मक्खी के नियंत्रण हेतु ऐसिटामेप्रिड $ एसीफेट 25 ग्राम प्रति पम्प घोल बनाकर छिड़काव करे। थायामिथाक्जाम $ ऐसिटामेप्रिड 5$5 ग्राम प्रति पम्प मंे घोल बनाकर छिड़काव करें। साथ ही साथ कीटों के प्रकोप की रोकथाम के लिए नीम तेल 75 से 100 एम. एल. प्रति 15 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। दुसरी बार में इमिडाक्लोरोप्रिड 17.8 एस.एल. 40 एम.एल. प्रति एकड़ के हिसाब से एक कीटनाषक का छिड़काव करें। श्री राहुल सातरकर द्वारा बताया गया कि सोयाबीन की फसल में इल्लीयों के नियंत्रण के लिए इमामेक्टीन, बेनजोयट 15 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी में या एडोसकार्ब 10 एम.एल. प्रति 15 लीटर पानी में या प्रोफेनोफॉस 30 एम.एल. प्रति 15 लीटर पानी में किसी एक रासायनिक औषधि का छिड़काव करें। 
टीपः- फोटोग्राफ संलग्न क्रमांक-8 है। 


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क्रमांक/100/752/2015                                                            सचिन/कृषि/फोटो     

समाचार
सायकिल वितरण की ऑनलाइन प्रक्रिया प्रारंभ 

बुरहानपुर/29 अगस्त/ मध्यप्रदेश में शासकीय शालाओं की कक्षा 9 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को निरूशुल्क सायकिल वितरण की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो गयी है। प्रत्येक प्राचार्य द्वारा शाला में कक्षा 9 वीं में प्रवेशित छात्रों की जानकारी पोर्टल पर समग्र छात्रवृत्ति के ऑपरेटर के आई.डी. एवं पासवर्ड से प्रपत्र-1 बी में प्रविष्टि करेंगे।
प्रविष्टि के बाद प्रत्येक हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी प्राचार्य एजूकेशन पोर्टल पर अपने यूनिक आई.डी. एवं पासवर्ड से लॉगिंग करेंगे। लॉगिंग के बाद की सारी प्रक्रिया संचालनालय के पूर्व निर्देश के अनुसार रहेगी। प्रविष्टि जो प्रपत्र-1 बी में की जायेगी, वह एजूकेशन पोर्टल पर दिखेगी। सॉफ्टवेयर के माध्यम से पात्रता की जाँच एवं संभावित पात्र विद्यार्थियों की सूची प्राप्त होगी। पात्रता सूची का प्राचार्य अपने स्तर से परीक्षण कर बैंक एकाउंट नंबर, आईएफसीएस कोड, मोबाइल एवं आधार कार्ड नंबर की जाँच करेंगे। जहाँ सुधार आवश्यक होगा वहाँ सुधार कर पुष्टि के बाद डाटा सुरक्षित किया जायेगा। अभिलेख अनुसार किसी छात्र को सायकिल की राशि की स्वीकृति/अस्वीकृति की जिम्मेदारी संबंधित प्राचार्य की होगी।
पात्रता को लॉक करने के बाद प्राचार्य द्वारा संबंधित आहरण वितरण अधिकारी को प्रपोजल भेजा जायेगा। संकुल प्राचार्य द्वारा समग्र शिक्षा पोर्टल पर लॉग-इन कर सायकिल का बिल जनरेट किया जायेगा। देयक को कोषालय में प्रस्तुत कर राशि संबंधित विद्यार्थी द्वारा दिये गये बैंक खाते में सीधे जारी की जायेगी। भुगतान के बाद व्हाउचर की प्रविष्टि पोर्टल पर करना अनिवार्य होगा।
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क्रमांक/101/753/2015                                                                     सचिन/शिक्षा      

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