Saturday, 21 November 2015

JANSAMPARK NEWS 25-10-15

जिला जनसम्पर्क कार्यालय बुरहानपुर (म.प्र.)

समाचार

संकट की घड़ी में किसानों के साथ सहानुभूति पूर्वक व्यवहार करें 

अधिकारी

- मंत्री श्री आर्य 

बुरहानपुर में अधिकारियों की बैठक में दिए निर्देष

बुरहानपुर 25 अक्टूबर,2015 - श्रम, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य ने आज बुरहानपुर कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में अल्प वर्षा के कारण प्रभावित फसलों से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देष दिए कि कम वर्षा के कारण किसानों की फसलें खराब होने से वे बहुत परेषान है, संकट की इस घड़ी में किसानों के साथ सहानुभूति पूर्वक व्यवहार करते हुए उन्हें शासकीय योजनाओं के तहत दी जा सकने वाली हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाना चाहिए। मंत्री श्री आर्य ने बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री श्री षिवराज सिंह चौहान ने अल्प वर्षा से उत्पन्न परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रदेष के सभी मंत्रियो, सचिवो व प्रमुख सचिवो, भारतीय पुलिस सेवा व भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को सभी विकासखण्डों का दौरा कर वहां सूखे से उत्पन्न स्थिति का अध्ययन कर रिपोर्ट देने को कहा है। सभी अधिकारी व मंत्रीगण 28 अक्टूबर को शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगे तथा उसी दिन मंत्री मण्डल की बैठक में किसानों के हित में शासन द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिये जायेंगे। बैठक में पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस , विधायक श्री राजेन्द्र दादू, महापौर श्री अनिल भौसले, कलेक्टर श्रीमती जे.पी. आईरिन सिंथिया, पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सिंह कुषवाह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बसंत कुर्रे , अपर कलेक्टर श्री प्रकाष रेवाल तथा नगर निगम आयुक्त श्री सुरेष रेवाल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद थे।
श्रम मंत्री श्री आर्य ने बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देष दिए कि कम वर्षा के कारण जल स्त्रोतो में पानी की स्थिति को देखते हुए ग्रीष्म ऋतु के लिए पर्याप्त पेयजल व्यवस्था हेतु कार्य योजना तैयार कर उसी के अनुसार कार्य करें। बैठक में बताया गया कि ग्रीष्म ऋतु में पेयजल समस्या के निराकरण के लिए हेण्डपम्पों में राईजर पाईप बढ़ाने तथा पेयजल परिवहन की आवष्यकता होने पर पेयजल परिवहन की व्यवस्था के लिए भी सभी आवष्यक तैयारियां कर ली गई है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में सभी तालाबों में पर्याप्त पानी उपलब्ध है, आगामी कृषि मौसम में 15790 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की तैयारी कर ली गई है। श्रम मंत्री श्री आर्य ने बैठक में निर्देष दिए कि किसानों की फसल खराब होने से उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नही है, ऐसे में यदि वे परिवार के पालन पोषण के लिए मजदूरी करना चाहे तो उनके लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध रहे। इसके लिए गांव गांव में रोजगार गारंटी योजना के तहत पर्याप्त संख्या व निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाये। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुर्रे ने बैठक में बताया कि रोजगार गारंटी योजना के तहत गत 2 माह मंे 460 नए निर्माण कार्य ग्रामीण क्षेत्र में गरीबों को रोजगार देने के लिए प्रारंभ किए गए है। मंत्री श्री आर्य ने कलेक्टर को निर्देष दिए कि छोटे छोटे कारणों से जिन वनवासियों के पट्टे निरस्त कर दिए गए है, उनके आवेदनों का पुनः परीक्षण कर उन्हें वनअधिकार पत्र दिलाये जाये। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती सिंथिया व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जिला चिकित्सालय बुरहानपुर की दषा सुधारने के लिए भी निर्देष दिए।
कलेक्टर श्रीमती सिंथिया ने बैठक में बताया कि जिले में शासन के निर्देष अनुसार प्रत्येक गांव में फसल कटाई प्रयोग कराये जा चुके है, कम वर्षा के कारण फसल उत्पादन लगभग 35 प्रतिषत ही हुआ है। उन्होंने बताया कि कम वर्षा के कारण सर्वाधिक क्षति सोयाबीन उत्पादक किसानों की हुई है। उन्होंने बताया कि फसल क्षति की जानकारी राज्य शासन को भेज दी गई है। शासन स्तर से किसानांे के लिए  जो भी राहत स्वीकृत होगी, वह किसानों को दिलाई जायेगी। कलेक्टर श्रीमती सिंथिया ने बैठक में बताया कि साधिकार अभियान के तहत गांव गांव में घर घर जाकर अधिकारी व कर्मचारियों के माध्यम से सर्वे करा लिया गया है तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत ग्रामीणों को उनकी पात्रता अनुसार मदद उपलब्ध कराई जायेगी। 
विधायक श्रीमती चिटनिस ने संचालक कृषि को निर्देष दिए कि किसानों को कम पानी वाली फसले लेने के लिए प्रेरित किया जाये। किसानों को आगामी कृषि मौसम में गेंहू के स्थान पर चने की फसल लेने की सलाह दी जाये। उन्होंने कहा कि जिले में विद्युत विभाग की रिकवरी प्रदेष में सर्वाधिक 92 प्रतिषत होने के बावजूद किसानों की बिजली समय पर बिल जमा न होने के कारण काटी जा रही है। इससे किसानों को काफी परेषानी है। उन्होंने जिला पंचायत के सीईओ से कहा कि रोजगार गारंटी योजना के तहत अधिकांष गांव में पषु शेड निर्माण स्वीकृत किए जाये। उन्होंने कहा कि किसानों को खेती के साथ - साथ पषुपालन संबंधी प्रषिक्षण दिलाकर उन्हें पषुपालन हेतु सहायता विभिन्न योजनाओं के तहत दी जानी चाहिए ताकि फसल खराब होने की स्थिति में किसान पषुपालन करके अपना जीवन यापन कर सकें। श्रीमती चिटनिस ने उद्यानिकी , कृषि, जिला पंचायत व जनपद पंचायत के अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे ग्रीन इण्डिया मिषन के तहत कार्य योजना तैयार करें, ताकि भारत सरकार से जिले को मदद मिल सके। कलेक्टर श्रीमती सिंथिया ने इस अवसर पर बताया कि ग्रीन इण्डिया मिषन की बुरहानपुर जिले की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है तथा नोडल अधिकारियों की नियुक्ति हो गई है। 
विधायक श्री दादू ने इस अवसर पर कहा कि कम वर्षा के कारण किसान पहले से ही परेषान है, ऐसे में विद्युत ट्रांसफार्मर खराब होने पर उन्हें तत्काल बदलवाने की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि वे अगली फसल में सिंचाई कर सके। महापौर श्री भोसले ने इस अवसर पर बताया कि बुरहानपुर शहर की पेयजल व्यवस्था के लिए लगभग 3 करोड़ रूपये की कार्य योजना बनाकर शासन को भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि शहर में 131 ट्यूबवेल तथा 30 हेण्डपम्प चालू स्थिति में है। नल जल योजना के माध्यम से प्रतिदिन पेयजल प्रदाय किया जा रहा है। शहर में पेयजल टंकियों की क्षमता 12 लाख गेलन है। 





टीप - फोटोग्राफ संलग्न है।


श्रम मंत्री श्री आर्य ने खकनार क्षेत्र का दौरा कर किसानों की समस्याएं सुनी
बुरहानपुर 25 अक्टूबर,2015 - श्रम, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य ने आज बुरहानपुर जिले के खकनार विकासखण्ड के ग्राम खेरखेड़ा व खकनार में गांव की चौपाल पर ग्रामीण की समस्याएं सुनी तथा उनके निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देष दिए। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थिति ग्रामीणों से कहा कि संकट की इस घड़ी में किसानों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जायेगी।  मंत्री श्री आर्य ने किसानों से कहा कि मुख्यमंत्री श्री षिवराज सिंह चौहान ने सूखे से उत्पन्न परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रदेष के सभी मंत्रियो, सचिवो व प्रमुख सचिवो, भारतीय पुलिस सेवा व भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को सभी विकासखण्डों का दौरा कर वहां सूखे से उत्पन्न स्थिति का अध्ययन कर रिपोर्ट देने को कहा है। सभी अधिकारी व मंत्रीगण 25, 26 व 27 अक्टूबर को अपने अपने विकासखण्डों का दौरा कर शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगे। मंत्री श्री आर्य ने कहा कि वे स्वयं भी एक किसान है , उन्होंने भी लगभग 7-8 एकड़ में सोयाबीन लगाई थी, जो कि पूर्णतः खराब हो गई है। इस वर्ष अल्प वर्षा के साथ - साथ पीला मोजाईक व सफेद मक्खी के कारण भी सोयाबीन की फसल पूर्णतः नष्ट हो गई है। खुद किसान होने के कारण वे किसानों का दर्द समझते है। उन्होंने कहा कि प्रदेष के मुख्यमंत्री श्री षिवराज सिंह चौहान चूकि खुद किसान के बेटे है, इसलिए वे किसानों के प्रति काफी संवेदनषील है तथा संकट की इस घड़ी में किसानों को अधिकतम मदद देने का प्रयास कर रहे है। उन्होंने एसडीएम व तहसीलदार को निर्देष दिए कि राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत किसानों को हरसंभव मदद दिलाई जाये। इस दौरान किसान श्री सुधाकर भारती , रतन, राजू, हरी, व नारायण चौहान ने मंत्री श्री आर्य को अपनी समस्याएं सुनाई।
टीप - फोटोग्राफ संलग्न है।






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